राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नामी हस्तियां देने वाला डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एक जुलाई को 100वें साल में प्रवेश करेगा। इसके शताब्दी वर्ष के सफर को डाक टिकट और सिक्के के जरिये सहेजा जाएगा। डाक विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ इनकी डिजाइन तय हो गई है। छपाई-ढलाई हो रही है।
विश्वविद्यालय की स्थापना एक जुलाई 1927 को हुई। ऐसे ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए आरबीआई के सहयोग से 100 रुपये के 300 सिक्कों की ढलाई हो रही है। इसकी डिजाइन तैयार हो गई है। इसका वजन 44 ग्राम होगा और अलॉय (मिश्रित धातु) से बनेगा। एक सिक्के की लागत करीब 1000 रुपये है।
ये भी पढ़ें – UP: चार महीने के लिए खर्च किए 75 लाख रुपये, पोइया पर बनाया जो पांटून पुल; इसलिए हटाया जाएगा
ऐसे ही डाक टिकट की डिजाइन भी तैयार हो गई है। पांच हजार टिकट छापे जा रहे हैं। इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों जारी करना प्रस्तावित है। इसके लिए राजभवन प्रधानमंत्री कार्यालय से आयोजन की तिथि मांग रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय से आयोजन की तिथि मिलने पर ही शताब्दी समारोह का मुख्य आयोजन होगा। इसमें ही इन दोनों को जारी किया जाएगा।
ये हैं खूबियां
सिक्का- मुख्य भाग पर 100 रुपये, भारत (हिंदी-अंग्रेजी) और अशोक की लाट अंकित है। पिछले हिस्से पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा, शताब्दी वर्ष 100 ईयर 1927-2027 अंकित है।
डाक टिकट- इस पर भी सिक्के के पिछले भाग पर अंकित डिजाइन और जानकारी हैं। ये पांच रुपये का है। इसके पिछले भाग पर विश्वविद्यालय के भवन की डिजाइन अंकित है।
ये भी पढ़ें – UP: ग्रेटर आगरा में प्लॉट बुकिंग शुरू! 29 जुलाई तक करें आवेदन, जानिए किस टाउनशिप में कितने भूखंड
प्रधानमंत्री के हाथों जारी करवाने की है योजना
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय के 100वें साल में प्रवेश होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों डाक टिकट और सिक्का जारी करवाना चाहते हैं, इसके लिए राजभवन स्तर से प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क किया जा रहा है। उनकी ओर से तय तिथि पर ही मुख्य आयोजन होगा।
ये भी पढ़ें – UP: ताजमहल की सुरक्षा होगी हाईटेक! 90 CCTV कैमरे लगेंगे, विदेशी पर्यटकों को मिलेगी वेलकम किट
अतिथियों को दिए जाएंगे टिकट और सिक्का
समन्वयक शताब्दी वर्ष समारोह समिति प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा का कहना है कि शताब्दी समारोह भव्य होगा। मुख्य आयोजन की तिथि अभी तय नहीं है। इसमें मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को स्मृति के रूप में डाक टिकट और सिक्का दिया जाएगा। इसकी डिजाइन तय हो चुकी हैं। इनकी ढलाई और छपाई की प्रक्रिया चल रही है।
