बिना मान्यता चल रहे 59 स्कूलों के संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने और जुर्माना लगाने का बीएसए का आदेश हवा में उड़ गया। संबंधित ब्लॉकों के बीईओ ने उच्चाधिकारी के आदेश को फाइलों में दबा दिया। एक सप्ताह बाद भी न किसी स्कूल संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई और न ही किसी से जुर्माना वसूला गया।
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने 28 अक्तूबर को खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत विद्यालयों का संचालन बंद कराया जाना था। साथ ही प्रत्येक विद्यालय से एक लाख रुपये की जुर्माना राशि वसूलकर सरकारी खाते में जमा कराने का आदेश दिया गया था।
बीईओ को कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह में बीएसए कार्यालय में उपलब्ध करानी थी। निर्देशों में केवल प्राथमिकी तक कार्रवाई सीमित नहीं थी। संबंधित बीईओ को विद्यालय बंद कराने का प्रमाणपत्र, प्राथमिकी की काॅपी और जुर्माने की राशि सरकारी मद में जमा कराने का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराना था।
सबसे ज्यादा 15 स्कूल बाह के
बिना मान्यता चल रहे स्कूलों में खेरागढ़ के 10, जगनेर के 11, सैंया का एक, बाह के 15, जैतपुर कलां के 12, पिनाहट का एक, फतेहपुर सीकरी के पांच और अछनेरा के चार विद्यालय शामिल हैं। सभी के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी के आदेश दिए गए थे।
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि अभी तक किसी स्कूल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। न ही जुर्माना वसूला गया है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जाएगी।

