करवाचौथ पर अगर बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई न दे तो ऐसी स्थिति में व्रतियों को रात 8:09 बजे के बाद ईशान कोण में पूर्व दिशा की ओर विधि-विधान से पूजन कर संकल्प लेकर अर्घ्य देना चाहिए। इस दौरान चावल की वेदी पर चंद्रमा बनाकर निर्धारित समय पर अर्घ्य देकर करवा पूजन करना फलदायी होगा।

 





Karwa Chauth Today: Married women are all decked up, with bangles and henna ready

कैसी लगी मेहंदी।
– फोटो : अमर उजाला


इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि बादलों की वजह से चंद्रमा का दर्शन न होने पर व्रत के दौरान भगवान शिव और लक्ष्मी नारायण का स्मरण करना चाहिए।


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सज गए हाथ।
– फोटो : अमर उजाला


इस दौरान अपने पितृ जनों का स्मरण करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। साथ ही परंपरा अनुसार अपने सास और ससुर को ही प्रथम थाली परोसे। वह ही सबके लिए सर्वगुण संपन्न देवता हैं।

 


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कैसी लगीं मेरी चूड़ियां।
– फोटो : अमर उजाला


अगर वे न हों तो परिवार के बड़े को भोजन की थाली परोसें। यह व्रत संकल्प के साथ लिया जाता है। कोई भी न हो तो किसी भूखे को भोजन कराएं। यह पुण्य प्रताप का साधन होगा।

 


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करवाचौथ की तैयारी।
– फोटो : अमर उजाला


आचार्य मनीष स्वामी बताते हैं कि करवाचौथ के व्रत का पारण भगवान चंद्रदेव के दर्शन करने के बाद ही करना चाहिए। अगर विपरीत परिस्थितियों में चंद्रमा के दर्शन संभव न हों तो संकल्प लेकर भगवान विष्णु का स्मरण करें।




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