आरटीओ कार्यालय में दो माह पहले पुलिस और प्रशासन की छापेमारी के बाद निलंबित किए गए एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने शनिवार को दोबारा कार्यभार संभाल लिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। 24 जुलाई को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरटीओ कार्यालय में छापा मारा था। इस दौरान एक दर्जन से अधिक कथित दलालों को पकड़ा था।
चालान बाबू मधुर मिश्रा और कैश बाबू बिपिन प्रकाश के पास काउंटर पर कटी रसीद के सापेक्ष कम धनराशि मिलने पर दोनों को निलंबित कर दिया था। एक माह बाद दो सितंबर को शासन ने तत्कालीन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को कार्यालय की निगरानी में शिथिलता बरतने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था।
शासन के निलंबन के खिलाफ आलोक कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। स्टे का आदेश लेकर शनिवार को दोबारा कार्यालय पहुंचकर चार्ज संभाला। आलोक कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट के आदेश पर दोबारा तैनाती मिली है।