बर्रा विश्वबैंक निवासी छात्रा दिव्यांशिका वर्मा को नीट की काउंसलिंग के बाद टॉप कॉलेज दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 3.25 लाख रुपये हड़प लिए। पसंद का कॉलेज न मिल पाने पर छात्र और उसके परिजन ने रुपये वापस मांगे तो टाल मटोल शुरू कर दी। इसपर पीड़ित ने डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी से गुहार लगाई। उनके आदेश पर दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
बर्रा विश्वबैंक निवासी विनय वर्मा ने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांशिका ने वर्ष 2024-25 में हुई यूजी नीट परीक्षा में भाग लिया था। काउंसलिंग के लिए बेटी काकादेव के पांडुनगर अस्थाना बाजार स्थित माई कॉलेज देखो कार्यालय पहुंची। वहां आरिफ खान मिले जिसने बताया कि मुख्यालय पटना में है जबकि फ्रेंचाइजी प्रयागराज, बनारस और कानपुर में है। माई कॉलेज देखो के डायरेक्टर का नाम वसीम खान बताया।
दिव्यांशिका ने काउंसलिंग के दौरान तीन कॉलेज चुने। इसपर आरिफ ने तीन में से एक कॉलेज दिलाने का वादा किया। इसके एवज में 3.25 लाख रुपये मांगे। झांसे में आकर विनय ने आरिफ और वसीम के बैंक खातों में आठ अगस्त 2025 से 14 अगस्त 2025 तक पूरी रकम डाल दी। समय बीतने के बाद भी पसंद का कॉलेज नहीं दिला पाए। डीसीपी साउथ ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर जांच की जा रही है।
