
(उरई जालौन) उरई: जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीय व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव एवं विभिन्न पटलों पर किए जा रहे कार्यों की गहनता से जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यालय में आने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों से संबंधित कार्यों का निस्तारण पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों पर पहुंचकर सेवा पुस्तिकाओं, जीपीएफ सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी अभिलेख सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आसानी से उपलब्ध होने की स्थिति में रखे जाएं। लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित पटल सहायकों को आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि परिषदीय शिक्षकों को मिलने वाली पेंशन, जीपीएफ, चयन वेतनमान सहित अन्य सभी अनुमन्य सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक पटल पर प्राप्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालय के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर एवं विभिन्न कक्षों में साफ-सफाई की स्थिति भी देखी गई। शौचालय अत्यंत गंदा पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण होना आवश्यक है। कार्यालय के प्रत्येक कक्ष, शौचालय एवं परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी शर्ट-जींस में ड्यूटी करते हुए पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यालय परिसर में सभी कर्मचारी निर्धारित कार्यालयी यूनिफॉर्म में ही ड्यूटी पर उपस्थित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित ड्रेस कोड के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ उत्तरदायी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयीय कार्य सीधे तौर पर शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालयों की व्यवस्थाओं से जुड़े हैं। इसलिए कार्यालय में आने वाले प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी की समस्या और प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी सहित जिला बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

