बड़े नाम और चमकते आउटलेट के पीछे खाद्य सुरक्षा के मानकों की किस तरह अनदेखी हो रही है, सोमवार को हुई खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में इसकी तस्वीर सामने आ गई। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत दूसरे जिलों की 38 टीमों ने शहर के 52 फूड यूनिट और रेस्टोरेंट की जांच की। कहीं किचन में कीड़े मिले तो कहीं एक्सपायर्ड सॉस और खराब पनीर। कई जगह वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ एक ही बर्तनों में तैयार किए जा रहे थे। गंभीर गंदगी और स्वच्छता मानकों की अनदेखी मिलने पर 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद करा दिए गए। वहीं जेड स्क्वायर मॉल स्थित ला पीनोज पिज्जा में वेज और नॉनवेज के लिए एक ही बर्तन प्रयोग करते मिले। जिसमें दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की है।
शासन मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर लगातार सख्ती बरत रहा है। मिलावटखोरों की पोल खोलने के लिए दूसरे जिलों की टीमों की जांच के लिए लगाया गया। अभियान के तहत विभाग की टीमें खाद्य पदार्थों के साथ किचन हाइजीन, सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, फूड स्टोरेज, कच्चे माल की गुणवत्ता, वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों के पृथक्करण और फूड लेबलिंग की भी जांच कर रही हैं। सोमवार को टीम अचानक शहर पहुंची। टीम रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में जांच करने पहुंची तो बहुत खराब हाइजीन और सैनिटरी कंडीशन मिली। किचन की दीवारे गंदगी से पटी पड़ी थीं। खाद्य सामग्री फर्श पर रखी मिली थी जिसमें मक्खियां लग रहीं थीं।
जिसको देखते हुए टीम ने फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद करा दिया। दूसरी टीम ने जेड स्क्वायर मॉल स्थित ला पीनोज पिज्जा में जांच की तो खाद्य पदार्थ में कीड़े घूमते मिले। कीचन में एक्सपायर्ड सॉस और चटनी भी मिलीं। सबसे बड़ी बात की वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पनीर की गुणवत्ता बहुत खराब मिली। विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की है। इसी तरह स्वरूप नगर के वेलफेल सैम/केशव राज एंड संस में प्रोपराइटरी खाद्य पदार्थ पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और इंग्रेडिएंट्स का विवरण ही नहीं मिला। उपभोक्ताओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई।
