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कानपुर में शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश ने नगर निगम के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जलभराव और जर्जर सड़कों के कारण लोग परेशान हैं। सबसे ज्यादा चकेरी क्षेत्र में बारिश ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
कांशीराम अस्पताल और सीएमओ कार्यालय परिसर तक जलमग्न हो गए हैं, जिससे मरीजों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लाल बंगला स्थित पुलिस चौकी के पास एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे दोनों तरफ की सड़कें बंद हो गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा।

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– फोटो : amar ujala
जलभराव से बुरा हाल
स्वरूप नगर (द चार्ट चौराहा), काकादेव, जरीब चौकी चौराहा, पीरोड कौशलपुरी, गुमटी नंबर-5, साकेत नगर और चावला मार्केट पूरी तरह जलमग्न हो गए। वहीं, देवकी चौराहे के पास मेट्रो द्वारा तोड़ा गया नाला न ठीक होने के कारण सर्वोदय नगर, काकादेव, आरटीओ मार्ग और लाजपत नगर में पानी का भराव विकराल हो गया है।

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सीएम ग्रिड योजना से सड़के हुईं खतरनाक
कर्रही, बगिया क्रासिंग, पुराना सेल्स टैक्स रोड, स्वरूप नगर और घंटाघर समेत 10 सड़कों पर खुदाई के बाद बारिश ने इन्हें बेहद खतरनाक बना दिया है। बारिश के पहले नाला सफाई और कूड़ा उठाव के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम कहीं भी दिखाई नहीं दिया।

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– फोटो : amar ujala
मानसून देर से आया है, तो बारिश का पैटर्न बदला है
मानसूनी बारिश इस बार अगस्त या सितंबर के महीने में अधिक हो सकती है। मानसून इस बार भी देर से आ रहा है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रोद्योगिकी विवि के मौसम विभाग में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जब भी मानसून देर से आया है, तो बारिश पैटर्न बदला है। मानसूनी बारिश अगस्त, सितंबर में अधिक हुई। इसके अलावा अक्तूबर में लौटते वक्त भी मानसूनी बारिश हुई है।

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अगस्त-सितंबर में अधिक होगी बारिश
विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस बार अगस्त-सितंबर में अधिक बारिश होने का अनुमान है। देर से आने पर कम मानसूनी बारिश देखने को मिली है। बारिश देर से हुई है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो प्रभाव के कारण इस बार सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।
