डॉ. प्रीति आहूजा और डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा को हाईकोर्ट से और प्रिया हॉस्पिटल के संचालक व एक अन्य को जिला जज की अदालत से जमानत मिली।

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में आहूजा अस्पताल की मालकिन नवीननगर काकादेव निवासी डॉ. प्रीति आहूजा और उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है जबकि आरोपी राजेश कुमार व नरेंद्र सिंह को भी जिला जज अनमोल पाल की अदालत से जमानत मिल गई है।
मुखबिर की सूचना पर रावतपुर के एसआई मुकेश कुमार ने पुलिस टीम व एसीएमओ डॉ.रमित रस्तोगी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ 31 मार्च 2026 को आहूजा अस्पताल में छापा मारकर अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला पकड़ा था। अस्पताल डॉ. प्रीति के नाम रजिस्टर्ड था और डॉ. सुरजीत भी अस्पताल प्रबंधन का काम देखते थे। दोनों को जेल भेज दिया गया था। जिला जज की अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। 27 जून को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। सुनवाई के दौरान डॉक्टर दंपती की ओर से अधिवक्ता ने तर्क रखा कि इन्होंने कोई ऑपरेशन नहीं किया है। केस डायरी में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि किडनी लेने वाले ने देने वाले के बैंक खाते में कोई धनराशि हस्तांतरित की हो। कोई ठोस चिकित्सीय साक्ष्य भी केस डायरी में नहीं है। दोनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही वह किसी संगठित गिरोह के सदस्य हैं।