मौसम में बदलाव के साथ ही शहर में वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया के मामले मिल रहे हैं। राहत की बात यह है कि शहर में अभी तक स्वाइन फ्लू का एक भी केस सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन स्थिति से निपटने के लिए लगातार संदिग्ध मरीजों की जांच करा रहा है।
अस्पतालों में मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ओपीडी में लगभग 3,922 मरीज कराने पहुंचे। इनमें 1,337 नए मरीज दर्ज किए गए, जबकि 2,585 पुराने मरीज फॉलो-अप और परामर्श के लिए पहुंचे थे। ओपीडी में सबसे ज्यादा संख्या खांसी, जुकाम, गले दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की रही।
स्वाइन फ्लू पर सतर्कता, घबराने की जरूरत नहीं
एसएन मेडिकल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि शहर में फिलहाल स्वाइन फ्लू का एक भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ है। इसके बावजूद विभाग पूरी तरह सतर्क है और लगातार सैंपलिंग व कर्मचारियों को आवश्यक ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं। इससे घबराने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, तुरंत लें डॉक्टरी सलाह
डॉ. मनीष ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को एक हफ्ते से अधिक समय तक लगातार खांसी रहे, गले में खराश हो, गला खराब हो या बोलने में दिक्कत महसूस हो रही हो तो इसे सामान्य मानकर अनदेखा न करें। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जरूरी जांच कराएं।
अफ्रीकी देशों से आने वालों की जांच की जाएगी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अफ्रीका से आने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। संदिग्ध मरीज मिलने पर कंट्रोल रूम के 9458569043 और 0562-260412 (सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) पर जानकारी दे सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
– खान-पान में ठंडी चीजों, आइसक्रीम या फ्रिज के पानी का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
– पीने के लिए सादे या हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें।
– बुखार या खांसी लंबे समय तक टिकने पर बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवाएं न लें।
