कानपुर में घंटाघर के सूर्या होटल के जिस कमरा नंबर 106 में शिवांगी और दिग्विजय शनिवार दोपहर से ठहरे थे। उस कमरे में साढ़े तीन घंटे के भीतर आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने अपनी जिंदगी ही खत्म करने का फैसला कर लिया। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस न सिर्फ होटल कर्मियों से एक-एक मिनट की जानकारी ले रही है, बल्कि वहां लगे सीसीटीवी के फुटेज को गंभीरता से देख रही है।
दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट खंगाली जा रही है। पुलिस की मानें तो दोपहर 12:30 बजे जब शिवांगी और दिग्विजय होटल में प्रवेश कर रहे थे तो जैसा कि फुटेज में दिखाई दे रहा है, उनके चेहरों पर कोई शिकन जैसे कोई भाव नहीं थे, जो कि आत्महत्या का संकेत दे रहो हो। कमरे में जाने के बाद दोनों ने कमरा भी बंद नहीं किया और बाहर भी नहीं निकले।
