आगरा की पैथोलॉजी लैब में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। प्रशिक्षित स्टाफ और चिकित्सक के बिना ही कई में खून-पेशाब समेत अन्य की जांच की जा रही है। कई डॉक्टरों ने किन-किन लैब में सेवाएं दे रहे हैं, इसका शपथ पत्र भी जमा नहीं किया है। विभाग इनकी भी जांच नहीं कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में 150 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत हैं। एक पैथोलॉजिस्ट अधिकतम तीन लैब में चिकित्सकीय सेवाएं दे सकते हैं। इसके लिए शपथ पत्र देना होता है, जिसमें लैब का नाम, पता, सेवाएं देने का समय, खुद का फोन नंबर देना जरूरी है। पैरामेडिकल स्टाफ का नाम और उनकी चिकित्सकीय डिग्री के बारे में भी जानकारी दी है। इससे कभी भी चिकित्सकीय टीम जांच करने जाए तो तय समय पर डॉक्टर न मिलने पर कार्रवाई की जा सके।
कई चिकित्सकों ने यह शपथपत्र नहीं दिया है। ऐसे में सही जांच नहीं होने से मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि कई ऐसे नॉन मेडिको पैथोलॉजी लैब चल रही हैं, जिनमें डॉक्टर, प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है। इनको आईएमए सदस्यों के जरिए चिह्नित भी करवा रहे हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पतालों के बाद पैथोलॉजी लैब में भी मानकों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए टीमें बनाएंगे।
