आगरा के राष्ट्रीय चैंपियन आदित्य प्रताप सिंह का करीब 15 दिन पैर फ्रैक्चर हो गया। वह खड़े होकर अभ्यास नहीं कर सकते। इसके बाद भी वह रोजाना स्टेडियम पहुंचते हैं और बैठकर पंच साध रहे हैं। कोच गौरव ठाकुर ने उनकी ट्रेनिंग का तरीका बदला है। चोटिल पैर पर दबाव डाले बिना ऊपरी शरीर की फिटनेस और पंचिंग पर काम कराया जा रहा है। लक्ष्य आगामी वर्ल्ड कप है।
आदित्य की मौजूदा ट्रेनिंग में फुटवर्क और चोटिल पैर पर भार डालने वाली एक्सरसाइज शामिल नहीं हैं। इसके बजाय वह बैठकर पंचिंग, अपर बॉडी स्ट्रेंथ और तकनीकी अभ्यास कर रहे हैं। कोशिश है कि रिकवरी के दौरान भी बॉक्सिंग की लय बनी रहे। आदित्य ने बताया कि फ्रैक्चर की वजह से खड़े होकर अभ्यास नहीं कर सकता, लेकिन तैयारी रोकना नहीं चाहता। बैठकर जितना संभव है, उतना अभ्यास कर रहा हूं।
जनवरी में बने थे 65 किग्रा के राष्ट्रीय चैंपियन
आदित्य के लिए 2026 उपलब्धियों वाला साल रहा है। जनवरी में नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में हुई 9वीं एलीट राष्ट्रीय पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता में उन्होंने 65 किग्रा भारवर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। फाइनल में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन अविनाश जामवाल को 3-2 से हराया था।
कोच गौरव ठाकुर ने बताया कि अभी प्राथमिकता पैर को पूरी तरह ठीक कराना है। इसलिए ट्रेनिंग का तरीका बदला गया है। वह बैठकर पंचिंग और अपर बॉडी से जुड़े अभ्यास कर रहे हैं। रिकवरी के बाद धीरे-धीरे फुटवर्क और सामान्य ट्रेनिंग शुरू कराएंगे।
