आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बुधवार को पिनाहट स्थित चंबल घाट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से घाटों पर अवैध खनन की स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए। किसी भी सूरत में अवैध खनन न होने पाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की सीमा में चंबल नदी के घाटों पर खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। गतिविधियों को रोकने के लिए वन विभाग, खनन विभाग और पुलिस की ओर से संयुक्त पेट्रोलिंग की जा रही है। सुरक्षा और निगरानी के लिए वन विभाग की ओर से विशेष कैमरे भी लगाए गए हैं।

डीएम ने अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए। डीएम ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ, डीएफओ राजेश कुमार को वन और राजस्व भूमि का सीमांकन करने के निर्देश दिए। इस दौरान रेंजर बाह कुलदीप सहाय पंकज, एसीपी बाह जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

मोटरबोट संचालन पर एमपी प्रशासन से करेंगे बात

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों अल्केन्द्र जादौन, शेर बहादुर सिंह प्रधान, पवन भदौरिया, रामजीत, गणेश, रामब्रज, नरायन सिंह, दिलीप आदि ने बताया कि मोटरबोट बंद रहने का मुद्दा उठाया। बताया कि संचालन की अनुमति मिल गई है। बावजूद इसके मोटरबोट नहीं चलाई जा रही है। संचालन बंद होने से दोनों राज्यों के 150 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश प्रशासन से वार्ता कर इस समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। 16 अगस्त को मध्य प्रदेश के नगरा से बाह के कैंजराघाट के लिए 64 यात्रियों को लेकर चली मोटरबोट इंजन बंद होने से बहकर 5 किमी दूर भिंड के कच्छपुरा कनेरा में लगी थी। बहाव के दौरान यात्रियों की जान हलक में लटक गई थी। मोटरबोट संचालन की अनुमति न होने पर नगरा पुलिस ने जब्तकर प्राथमिकी दर्ज की थी।



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