चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय से सोमवार को 3 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उनका बयान दर्ज किया। पुलिस ने चंपत राय से प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावा प्रबंधन, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल पूछे। उनके बयान का मिलान अन्य गवाहों और उपलब्ध दस्तावेज से किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में चंपत कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। जरूरत पड़ी, तो फिर पूछताछ होगी। पुलिस भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई ) भी पहुंची। मैनेजर समेत पांच कर्मियों से पूछताछ की।
इस बीच, श्रीराम जन्मभूमि में 17 साल से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव को हटाकर गोरखपुर भेज दिया गया है। काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ पूरे मंदिर परिसर में लगे करीब 1,600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। पुलिस सूत्रों ने कहा, ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा व पदाधिकारी गोपाल राव समेत 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। इनमें ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा, 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी है। वहीं, जेल भेजे गए टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश, अवनीश व सुभाष श्रीवास्तव की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी। पुलिस ने मंदिर से जुड़े पांच-छह अन्य कर्मियों से भी पूछताछ की है। गणना या सुरक्षा से जुड़े करीब 30 लोगों से भी पूछताछ की तैयारी है। पुलिस ने मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी जुटाई है। कई लोगों के सीडीआर खंगाले गए हैं।
बैंक मैनेजर से पूछताछ :
एसबीआई की अयोध्या धाम शाखा में पुलिस ने मैनेजर से दो घंटे पूछताछ की। उनसे मंदिर की जमा से जुड़े दस्तावेज लिए। आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल व पांच साल का स्टेटमेंट भी मांगा है।
मेरी भूमिका नहीं…टिन्नू ने गलत किया
पुलिस से चंपत राय ने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है। इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए। संदिग्धों को पकड़ा। एफआईआर भी कराई। उन्होंने स्वीकार किया, कोई हेरफेर न हो, इसकी जिम्मेदारी उनकी थी। टिन्नू यादव बहुत पहले से जुड़ा था, उसने गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी।
नौकरी का ठीकरा पूरे ट्रस्ट पर फोड़ा
पुलिस ने पूछा-रिश्तेदार या जानने वालों को काम पर किस तरह रखा गया? चंपत राय ने कहा, जरूरतमंदों को काम दिया। इसमें केवल मैं ही नहीं, ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही। अनिल व गोपाल राव का भी जिक्र किया।
आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील,उल्लंघन करने पर 5 लाख जुर्माना
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने निर्णय किया है कि कोई भी वकील चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आठ आरोपियों का पक्ष कोर्ट में नहीं रखेगा। फैसले का उल्लंघन करने वाले वकील पर 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा, हमारी मांग है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव अयोध्या छोड़ दें। ऐसा नहीं हुआ, तो हम अयोध्या में किसी को प्रवेश नहीं करने देंगे।
निगरानी तंत्र नाकाम, इसलिए आरएमओ पर हुई कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, कड़ी सुरक्षा के बावजूद चढ़ावे की चोरी से निगरानी तंत्र की नाकामी साबित होने के बाद आरएमओ अर्जुन देव पर कार्रवाई हुई है। वह वर्ष 2009 से ही अयोध्या में तैनात थे। कई बार तबादले के आदेश हुए, पर हर बार रुक गए। जांच की जा रही है कि एक जिले में 17 वर्ष तक तैनाती की वजह क्या रही।
अर्जुन वीआईपी दर्शन समेत ट्रस्ट के कई कामकाज में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उन्हें भी चंपत राय का खास माना जाता है। एसआईटी उनसे पूछताछ कर चुकी है।
