उरई। जालौन-सुढार के बीच सात अगस्त को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो मरीजों को इलाज के लिए सीएचसी जालौन ले जाया गया। आरोप है कि यहां गंभीर हालत में पहुंचे एक घायल को करीब आधे घंटे तक उपचार नहीं मिला और डॉक्टर को दो बार बुलाने के बाद भी वह मरीज को देखने नहीं पहुंचे। बाद में फार्मासिस्ट ने घायल की पट्टी की और उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
छिरिया सलेमपुर निवासी सुरजीत सिंह और श्याम सिंह सात अगस्त को हादसे में घायल हो गए थे। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को सीएचसी जालौन पहुंचाया। परिजनों के अनुसार सुरजीत सिंह की हालत गंभीर थी। उसके दाहिने कान से खून बह रहा था और सिर में भी गंभीर चोट लगी थी। वह बोल नहीं पा रहा था और बेहोशी की हालत में था।
आरोप है कि सीएचसी पहुंचने के बाद सुरजीत सिंह करीब आधे घंटे तक उपचार के लिए तड़पता रहा, लेकिन कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। परिजनों और साथ आए लोगों ने दो बार डॉक्टर को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बाद भी चिकित्सक ने मरीज का परीक्षण नहीं किया। गंभीर हालत में मरीज के पड़े रहने से परिजन परेशान रहे।
बाद में फार्मासिस्ट ने घायल की पट्टी की और उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों ने सीएचसी में डॉक्टर द्वारा गंभीर घायल मरीज को समय से नहीं देखे जाने पर नाराजगी जताई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केडी गुप्ता का कहना है कि मामला जानकारी में नहीं है। उस दिन जो स्टाफ ड्यूटी पर होगा, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
