झांगझोऊ (चीन) एशियाई खेलों की तुलना में आइची- नागोया (जापान) एशियाई खेल यूपी के लिहाज से फीके साबित हुए। हांगझोऊ में जहां यूपी के 39 खिलाड़ियों ने भाग लेकर सात स्वर्ण, नौ रजत और नौ कांस्य पदक अपने नाम किए थे, वहीं जाइची-नागोया में भाग लेने वाले करीब 30 खिलाड़ियों के खाते में पांच स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य पदक आए। कुल मिलाकर प्रतिभागियों की संख्या घटने के साथ ही पदकों की संख्या भी घट गई है।
16 दिनों तक चले खेल महाकुंभ में राष्ट्रमंडल खेलों में नायक बनकर उभरे अलीगढ़ के गुलवीर सिंह का जादू एशियाई खेलों में भी बोला। उन्होंने सर्वाधिक तीन पदक (दो रजत व एक कांस्य) जीते।
कैसा रहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इसके अलावा सहारनपुर की एथलीट प्राची चौधरी ने दो पदक (एक स्वर्ण व एक कांस्य), गौतमबुद्धनगर के एथलीट जयकुमार ने दो पदक (एक रजत व एक कांस्य), मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी ने दो पदक (दोनों कांस्य) और मेरठ के तीरंदाज नीरज चौहान ने दो पदक (एक रजत और एक कांस्य) अपने नाम किए।
खेलों में भाग लेने वाले पदक के प्रबल दावेदारों की बात की जाए तो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुरादाबाद की जूडोका अस्मिता डे आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं और पांचवें स्थान पर फिसल गईं।
