भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2026 में पहला अखिल भारतीय मीडिया सम्मेलन आयोजित किया। इसका विषय था – हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना: चुनावों में मीडिया की भूमिका। देश भर से 380 से अधिक मीडिया पेशेवर इसमें शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत में चुनाव संविधान और चुनावी कानूनों के अनुसार होते हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया की सभी हितधारकों द्वारा समवर्ती लेखापरीक्षा की जाती है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत की मतदाता सूची में लगभग 95 करोड़ भारतीय हैं। यह एक जीवंत दस्तावेज है जो लगातार विकसित हो रहा है।
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मतदाता सूची तैयार करने में वैधानिक सुरक्षा उपाय निहित हैं। इसमें 12 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी और 15 लाख से अधिक बूथ स्तरीय एजेंट सक्रिय हैं। ये सभी समवर्ती लेखा परीक्षकों के रूप में कार्य करते हैं। हाल के विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक मतदान हुआ। यह भारतीय मतदाताओं के चुनावी प्रणाली में विश्वास का प्रमाण है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं की समझ बढ़ाना था। इसमें भारत में चुनावों के संचालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों जैसे प्रमुख हितधारकों को शामिल करते हुए पारदर्शिता बरती गई। सम्मेलन की शुरुआत सांविधानिक प्रावधानों के अवलोकन से हुई। इसमें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951 भी शामिल थे।
प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता पर जोर
ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म और चुनावों में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। मीडिया से संबंधित कानूनों पर व्यापक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बूथ लेवल एजेंट, पोलिंग एजेंट और काउंटिंग एजेंट की भूमिकाएं बताई गईं। उनकी भूमिका पारदर्शिता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में मतदाता सूची, मतदान और मतगणना प्रक्रिया का प्रदर्शन भी दिखाया गया।
