
बिकरू कांड का विकास दुबे (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
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खबर वहीं जो सत्य हो©
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बिकरू कांड का विकास दुबे (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
आतंक का पर्याय रहा बिकरू का विकास दुबे मौत के छह साल बाद भी कागजों में जिंदा है। प्रशासन आज तक उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पाया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पोस्टमार्टम हाउस से जारी उसकी बॉडी डिस्पोजल स्लिप में विकास के पिता का नाम गलत लिखा था। पिता का नाम रामकुमार दुबे है पर लिखा है राजकुमार दुबे। इस चक्कर में जिम्मेदारों ने वलदियत गलत लिखे होने का हवाला देकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने से इन्कार कर दिया था।
हालांकि अब प्रमाण पत्र बनने की उम्मीद जागी है क्योंकि ऋचा ने हाईकोर्ट में प्रदेश सरकार के खिलाफ याचिका लगाई है। इसमें सुनवाई होने से पहले पोस्टमार्टम प्रभारी चिकित्साधिकारी ने शुक्रवार को सचेंडी थानेदार को पत्र लिखकर विकास से जुड़े मूल अभिलेख मांगे हैं। दो जुलाई 2020 की देर रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके गुर्गों ने दबिश देने पहुंचे पुलिस कर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी।