बदलते मौसम के साथ महिलाओं में बाल झड़ने और त्वचा से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ज्यादातर महिलाएं इन्हें महज मौसमी बदलाव या कॉस्मेटिक समस्या मानकर अनदेखा कर देती हैं, लेकिन डॉक्टरों की चेतावनी है कि यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। यह केवल बाहरी समस्या नहीं, बल्कि शरीर के भीतर छिपे गंभीर हार्मोनल असंतुलन का शुरुआती संकेत हो सकता है।

स्त्री रोग विशेषज्ञों डाॅ वंदना ने बताया कि महिलाओं में दिखने वाले कुछ खास लक्षण गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करते हैं। अत्यधिकबालों का झड़ना, अनचाहे बाल, सिर के बालों का तेजी से पतला होना और ठोड़ी या चेहरे पर अनचाहे बाल आना (हिर्सुटिज़्म) शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के बढ़ने का संकेत है। यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) का प्रमुख लक्षण है।

गर्दन या त्वचा की परतों का अचानक गहरा व काला पड़ना (एकैंथोसिस नाइग्रिकेंस) शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को दर्शाता है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि त्वचा और बालों में आने वाले बदलावों को सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या न समझें। शुरुआती चरण में ही हार्मोनल असंतुलन की पहचान कर ली जाए, तो आगे चलकर बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। संवाद

समय पर जांच व सही खानपान है जरूरी

विशेषज्ञों की सलाह है कि घरेलू नुस्खों या ब्यूटी प्रोडक्ट्स के भरोसे रहने के बजाय समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।

जरूरी जांचें: डॉक्टर की परामर्श पर हार्मोनल प्रोफाइल की जांच कराएं।

जीवनशैली में सुधार: रोजाना व्यायाम करें, जंक फूड और मीठे से परहेज करें ताकि इंसुलिन और हार्मोन संतुलित रहें।



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