सैफइ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के पर्व पर सैफई में पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से मुलाकात की। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए।
अखिलेश यादव ने महिलाओं, किसानों, शिक्षा और बढ़ती महंगाई के मुद्दों को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया। सपा प्रमुख ने महिलाओं को आश्वासन देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके उत्थान के लिए पूरे सम्मान के साथ नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। बीजेपी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नाम और उनके विचारों को बेच दिया है। अपने गठन के समय जेपी की तस्वीर रखकर कभी बीजेपी ने खुद को समाजवादी होने का ढोंग किया था, आज वही लोग उन्हें बेच रहे हैं। जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे किसी भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।
महंगाई पर घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि जहां एक तरफ चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है। आरोप लगाया कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाकर उनसे चंदा वसूलने के लिए ये सब किया जा रहा है। सैफई और लखनऊ में स्वीकृत नए प्राइमरी स्कूलों के निर्माण कार्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि सामंतवादी और वर्चस्ववादी सोच रखने वाले लोग नहीं चाहते कि गरीब का बच्चा पढ़े-लिखे, क्योंकि पढ़ा-लिखा गरीब सरकार से सवाल करने की ताकत रखता है और बीजेपी के लोग सवालों से घबराते हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी सामानों के महंगे होने से बाजारों से रौनक गायब है और त्योहार फीके पड़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद मुनाफा कमाने में जुटी है और उद्योगपतियों को खुली छूट देकर मुनाफे का बंटवारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी कंपनियों के साथ किए जा रहे एमओयू (समझौता ज्ञापनों) पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते किए जा रहे हैं जिससे किसानों के हाथ से खेती छिन जाएगी। जो तीन काले कानून सरकार वापस लेने का नाटक करती है, वे आज भी किसी न किसी रूप में लागू किए जा रहे।
