देश के हर नागरिक को अधिकार है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग अपना जनप्रतिनिधि चुनने में करे, और चुनाव आयोग का यह कर्तव्य है कि वह देश के हर वयस्क नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करे लेकिन वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अपने कर्तव्य के विपरीत देश के नागरिकों को मताधिकार से वंचित करने की बात सामने आ रही है और जब देश का युवा वर्ग और तमाम विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपना विरोध जताना चाह रहे हैं और आंदोलन करना चाह रहे हैं तो उनकी आवाज को दबाने के लिए उनके एक एक कदम को रोकने के लिए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों को मोर्चे पर लगा दिया गया है, देश की राजधानी में जहां अर्ध सैनिक बलों की सैंकड़ों कंपनियां बुला ली गई हैं वहीं देश और प्रदेश के कोने कोने से आंदोलन में जाने वालों को रोकने के लिए पूरा पुलिस महकमा लगा दिया गया है।
झांसी से भी कई राजनैतिक दलों के नेताओं को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 9 अक्टूबर को तथा देश की राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शनों में पहुंचना था पर पुलिस ने ऐसे सभी संभावित नेताओं के घरों पर डेरा डाल कर उनको नजरबंद कर दिया है।
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद खान को अपने दर्जनों साथियों सहित 9 अक्टूबर को लखनऊ में तथा 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शनों में पहुंचना था लेकिन उनको व उनके कई अन्य साथियों को लगातार दो दिनों से पुलिस ने उनके निवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र का गला घोंटने का जो कार्य विगत कई चुनावों से किया जा रहा है अब उसका घड़ा भर चुका है और अब देश की जनता खास कर युवा वर्ग जाग चुका है, अब प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमितशाह कितना भी प्रयास क्यों न कर लें अब उनकी सत्ता का पतन निश्चित है।
