दिवाली पर अपने घर पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशनों से लेकर बस अड्डों तक यात्रियों की भीड़ के कारण इंतजाम नाकाम हो गए। ट्रेनों में पैर रखने को जगह नहीं मिली तो बसों में भी मारामारी के हालात बने रहे। सीट तो दूर खड़े होने के लिए भी लोगों को जद्दोजहद करते देखा गया। मजबूरी में तमाम लोगों ने डग्गामार और माल वाहनों में सफर किया।

शनिवार को आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शाम दोपहर साढ़े तीन बजे आने वाली महाकौशल एक्सप्रेस शाम 5 बजे पहुंची तो सीट पाने के लिए यात्रियों में दौड़ लग गई। प्लेटफॉर्म पर पहले से इंतजार कर रही भीड़ कोच के दरवाजों पर जमा हो गई। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को भी रास्ता नहीं मिला। कोच पहले से ठसाठस भरे थे। ऐसे में यात्री दरवाजों पर लटक गए तो कुछ शौचालय के पास और पायदान पर बैठने को मजबूर हुए।

पायदान पर बैठने से यात्री का कट चुका है पैर

गौरतलब है कि शुक्रवार की रात आगरा फोर्ट स्टेशन पर अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के जनरल कोच के पायदान पर बैठे एक यात्री का पैर प्लेटफॉर्म से रगड़कर कट गया था। इसके बावजूद ट्रेनों में यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करते नजर आए। रेलवे की ओर से आगरा कैंट पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।

आईएसबीटी पर दो हजार से ज्यादा यात्री करते रहे इंतजार

आईएसबीटी पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। शनिवार दोपहर 12 बजे तक बस नहीं मिलने पर कुछ यात्री पैदल ही आईएसबीटी फ्लाईओवर के नीचे पहुंच गए। यहां पहले से डग्गामार वाहन खड़े थे। मजबूरी में ज्यादातर यात्री इनमें सवार होकर रवाना हो गए। शुक्रवार रात भी आईएसबीटी पर यात्रियों की संख्या दो से ढाई हजार तक पहुंच गई थी। बसें नहीं मिलने पर यात्री बस अड्डे पर ही बैठकर इंतजार करते रहे। यहां लंबी दूरी के लिए बसें उपलब्ध थीं लेकिन इटावा, औरैया, एटा, कासगंज, बदायूं, फर्रुखाबाद और मैनपुरी जैसे स्थानीय रूटों पर रात में बसें नहीं मिलीं।

रामबाग चौराहे पर बस देखते ही टूट पड़ रही भीड़

कमोबेश यही स्थिति रामबाग चौराहे पर भी रही। अलीगढ़ और हाथरस रूट से आने वाली बस के पहुंचते ही यात्री उस पर चढ़ने के लिए टूट पड़ते। सेटेलाइट बस अड्डे के आगे डिवाइडर पर बना कट हादसे के बाद बंद कर दिया गया है। इसके चलते बसों को रामबाग चौराहे से घूमकर जाना पड़ता है। यात्रियों की भीड़ के कारण चालक चौराहे से ही बसें भरकर ले जा रहे हैं। इसका खामियाजा बस अड्डे पर इंतजार कर रहे यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। अलीगढ़ और हाथरस रूट की बसें सेटेलाइट बस अड्डे से संचालित की जा रही हैं। वहीं, वाटर वर्क्स फ्लाईओवर पर भी डग्गामार वाहनों में सवारियां बैठाकर ले जाई जा रही थीं।

अधिकारियों ने किए पर्याप्त इंतजाम के दावे

यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 71 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य अनारक्षित ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। इसके बाद भी भीड़ का दबाव ज्यादा है। -संजय कुमार गौतम, जनसंपर्क अधिकारी, आगरा रेल मंडल

सभी बस अड्डों पर पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं। सुबह के समय यात्रियों की संख्या अधिक थी। शाम को भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। 572 बसों का संचालन किया जा रहा है। खुद बस स्टैंडों पर जाकर जायजा लिया है। -कपिल देव, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज

 



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