दीपावली से पहले शहर के सभी 110 वार्डों में 50-50 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। पार्षदों की मांग पर पुनरीक्षित बजट मंजूर करने के लिए बृहस्पतिवार को बुलाई गई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में यह प्रस्ताव पास कर दिया गया। सड़कों की मरम्मत, सफाई, पार्कों के रखरखाव, मार्ग प्रकाश और कर्मचारियों के वेतन भत्तों सहित अन्य कामों पर होने वाले खर्च के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया है।
इसमें से 200 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर और बाकी रकम अन्य कामों पर खर्च होगी। बैठक के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सड़कों की मरम्मत और नाले ढकने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी के 14 कल्याण मंडपों की मरम्मत के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।
महापौर ने बताया कि कब्जे से खाली कराई जा रही सरकारी जमीन पर तार-बाड़ की जगह अब बाउंड्री बनाकर मैरिज लॉन शुरू किया जाएगा। इनमें दो कमरे भी बनाए जाएंगे। इनका संचालन निजी संस्थाओं को दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस काम के लिए 4.40 करोड़ के बजट को 16 करोड़ रुपये कर दिया गया है। शहीद पथ के पास हरिहरपुर में मैरिज लॉन बनाने का काम शुरू भी करा दिया गया है। नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 47 अरब रुपये का मूल बजट पास किया था। यह एक अप्रैल से लागू है। अब इसे बढ़ाकर 53 अरब कर दिया गया है।
नहीं मानी गई भाजपा पार्षद दल उपनेता की मांग: भाजपा पार्षद दल के उपनेता मुन्ना मिश्रा और मुख्य सचेतक मुकेश सिंह मोंटी ने महापौर को पत्र लिखकर मांग की थी कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए सड़कों की मरम्मत के लिए हर वार्ड में 70-70 लाख रुपये का बजट जारी किया जाए। बैठक में भाजपा के दो कार्यकारिणी सदस्यों ने भी मांग उठाई लेकिन इसे अनसुना कर दिया गया। कहा जा रहा है कि महापौर और भाजपा के कुछ पार्षदों के बीच चल रहा मनमुटाव अभी दूर नहीं हुआ है।
