आगरा में दुष्कर्म के एक मामले में एडीजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट) दिव्यानंद द्विवेदी ने आरोपी पवन कुमार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत में गवाही से मुकरने पर पीड़िता और उसके पति के खिलाफ विधिक कार्रवाई के आदेश दे दिए।

थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मई, 2020 में पीड़िता ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि पड़ोसी पवन शर्मा ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो मोबाइल से बना लिए। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दो लाख रुपये भी वसूले। इसके बाद भी ब्लैकमेल कर कई बार दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो और फोटो अपने ताऊ के लड़के को भेज दिए। तब भी नहीं माना। आरोपी महीने में दो-तीन बार मिलने का दबाव डालता था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में पीड़िता और उसके पति सहित चार गवाह पेश किए गए।

अदालत में गवाही से मुकरी पीड़िता

गवाही के दौरान पीड़िता अपने पूर्व बयानों से मुकर गई। उसने अदालत को बताया कि आरोपी और उसके पति के बीच घर की नाली को लेकर विवाद था। इसी विवाद के कारण उसने यह प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान दरोगा के कहने पर दिए थे। बयानों से आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की पुष्टि की थी। इस वजह से पीड़िता ने अपनी अंदरूनी जांच कराने से भी इनकार कर दिया था।

 



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