कालपी। नगर के धाम गूदर स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में कथा व्यास राम श्याम महाराज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि और अधर्म का प्रभाव बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।


उन्होंने कहा कि मथुरा क्षेत्र में जब कंस का अत्याचार बढ़ा तो भगवान नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर उसका वध किया और अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना की। उन्होंने कहा कि भगवान ने अपनी लीलाओं से गोप-ग्वालों और भक्तों को आनंद से सराबोर किया। उन्होंने युवाओं से गीता का अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि गीता जीवन में कर्तव्य, संस्कार और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। मन में उठने वाले अनेक प्रश्नों का समाधान गीता के उपदेशों में मिलता है। (संवाद)



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