आयकर विभाग की जांच में फर्जी आयात ऑर्डर के जरिये 1.02 लाख करोड़ रुपये विदेश भेजने का खुलासा हुआ है। आगरा समेत कई शहरों में पांच दिनों तक 36 चार्टर्ड अकाउंटेंट और सीमावर्ती जिलों व राज्यों में स्थित 117 इकाइयों समेत 394 संदिग्ध संस्थाओं की जांच शनिवार को पूरी हो गई। इसमें शेल कंपनियों के जरिये रकम भेजने की जानकारी सामने आई। साथ ही कारोबारियों, ट्रस्ट और शेल कंपनियों का नेटवर्क सामने आया।
जिन फर्मों के खातों से रकम भेजी गई, उनमें से अधिकांश ने आयकर रिटर्न दाखिल ही नहीं किया था। बेहद कम टर्नओवर भी दिखाया था। फर्जी पतों पर चल रही इन कंपनियों ने सॉफ्टवेयर आयात, लाॅजिस्टिक्स, कंसल्टिंग व फ्रेट पेमेंट जैसे कारण बताकर पैसा बाहर भेजा।
आगरा के ताजगंज निवासी सीए की ओर से जारी प्रमाणपत्रों और विदेशी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज की विस्तृत जांच की जा रही है। नोएडा, जयपुर, उदयपुर व मुंबई में कई संस्थाओं की पहचान की गई, जिन्होंने हांगकांग व सिंगापुर की शेल कंपनियों में करोड़ों की रकम भेजी। विभाग की शुरुआती जांच में फर्जी धर्मार्थ ट्रस्टों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था।
