आगरा के छावनी क्षेत्र में पानी के संकट से जूझ रहे लोगों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। परेशान लोगों ने पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. पंकज महेंद्रू के नेतृत्व में कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचकर अफसरों का घेराव किया और पेयजल संकट के स्थायी निदान की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि समस्या दूर नहीं हुई तो हर सप्ताह कैंट बोर्ड ऑफिस का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार दोपहर आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए सफाई विभाग के सेनेटरी अधिकारी मनीष नायर, कार्यालय अधीक्षक कुलविंदर सिंह, इंजीनियर राजदीप समेत अन्य का घेराव किया। छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. पंकज महेंद्रू ने बतया कि छावनी के वार्ड दो और तीन समेत कई क्षेत्रों में लंबे समय से पानी की आपूर्ति प्रभावित है। सबमर्सिबल पंप खराब हैं और बालूगंज, शहजादी मंडी और कंपनी गार्डन की पानी की टंकियां वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना तोड़ दी गईं।
इससे संकट और बढ़ गया। सुबह-शाम पानी की आपूर्ति बाधित है। सबमर्सिबल पंप का खारा पानी पड़ोसियों से मांगकर जरूरत पूरी कर रहे हैं। लोगों ने अफसरों से जनसुविधाओं पर जवाब मांगा और परिषद में भ्रष्टाचार और रिश्वत लेकर भर्ती करने के आरोप लगाए। डॉ. महेंद्रू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को शिकायत भेजकर समाधान की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में मो. असलम, विजय कुमार, पप्पन, संजीव कुमार, जितेंद्र कुमार, रघुवीर, बृजेश अग्रवाल मौजूद रहे।
सिर्फ एक टैंकर के भरोसे आपूर्ति
छावनी को जलकल विभाग से प्रतिदिन छह एमएलडी पानी मिलता है, जिसमें नौलक्खा पंपिंग स्टेशन से चार और छीपीटोला से दो एमएलडी शामिल है। 25 लाख रुपये का भुगतान हर माह जलकल विभाग को छावनी परिषद करता है, लेकिन टंकियां टूटने के बाद घरों तक पानी पहुंचाने के लिए केवल एक टैंकर है। इसी पर आपूर्ति टिकी हुई है।
