उरई। पटेल नगर स्थित कुंज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. रुपाली राय सचान के खिलाफ प्रसूता की मौत के मामले में कोतवाली उरई पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। महिला के पति धर्मराज सिंह सेंगर ने डॉक्टर पर जल्दबाजी और लापरवाही से ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहर के शिवपुरी मोहल्ला निवासी धर्मराज सिंह सेंगर ने तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी ज्योति सिंह को जून में गर्भाशय बाहर निकलने की शिकायत हुई थी। उन्होंने कुंज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. रुपाली राय को दिखाया था। इसके बाद छह जुलाई को दोबारा परेशानी होने पर डॉक्टर ने जल्द ऑपरेशन कराने और गर्भाशय निकलवाने की बात कही। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन नहीं कराने पर कैंसर होने की बात कही, जिससे घबराकर 27 जुलाई को पत्नी को कुंज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
पति का आरोप है कि 27 जुलाई को डॉ. रुपाली राय सचान ने बिना एमएस डॉक्टर की मौजूदगी के जल्दबाजी में ऑपरेशन किया और टांके लगा दिए। इसके बाद पांच अगस्त को टांके कटवाने पर संक्रमण होने की बात सामने आई। आरोप है कि डॉक्टर ने संक्रमण की जानकारी नहीं दी और करीब एक सप्ताह तक खुद ही इलाज करती रहीं। हालत बिगड़ने पर उन्होंने मरीज को जवाब दे दिया।
इसके बाद परिजन ज्योति को दूसरे डॉक्टर के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां छह दिन उपचार के बाद 22 अगस्त को केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया। पति के मुताबिक वहां करीब दस दिन उपचार चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
परिजनों ने इसके बाद ज्योति को एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। एक दिन उपचार के बाद हालत खराब होने पर पीजीआई लखनऊ ले जाया गया। यहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। आखिरकार सात सितंबर को दोपहर करीब तीन बजे पीजीआई लखनऊ में ज्योति की मौत हो गई।
पति ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में बरती गई कथित लापरवाही के कारण संक्रमण फैला और गैंगरीन की स्थिति बनी, जिससे पत्नी की हालत लगातार बिगड़ती गई। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली उरई आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर के आधार पर डॉ. रुपाली राय सचान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
