समाजवादी पार्टी के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की बुधवार तड़के मौत हो गई। वह विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के किचन में सुबह चार बजे अचेत पड़े थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुकने और फेफड़े में खून का थक्का जमने से मौत की पुष्टि हुई है। इस संबंध में परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
प्रतीक की मौत की खबर सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतीक बहुत अच्छा लड़का था। व्यवसाय में ध्यान देता था। अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता था। आखिरी बार हमारी मुलाकात दो माह पहले हुई थी। तब भी मैने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कही थी। वह बिजनेस में कुछ बड़ा करना चाहता था। अक्सर लोग बिजनेस में नुकसान होने पर दुखी हो जाते हैं।
वह हमारे बीच नहीं है़। यह बहुत दुखद है। अखिलेश ने कहा कि इस मामले में जो कानून कहता है, जो परिवार कहता है हम लोग उसी आधार पर आगे बढ़ेंगे। पुलिस के मुताबिक सुबह चार बजे प्रतीक के नौकर ने सिविल अस्पताल में फोन किया था। सिविल अस्पताल से डॉक्टरों की टीम प्रतीक के घर गई थी। घर पर प्रतीक के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घर पर मौजूद नहीं थी अपर्णा, दिल्ली से पहुंची लखनऊ
प्रतीक महिला आयोग की उपाध्यक्ष व भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे। प्रतीक की तबीयत बिगड़ने के समय अपर्णा घर में मौजूद नहीं थीं। अपर्णा दिल्ली गई थीं। पति की मौत की खबर सुनकर वह दोपहर दो बजे अमौसी एयरपोर्ट पहुंचीं। इसके बाद सीधे घर रवाना हो गईं। अपर्णा के लखनऊ पहुंचने पर पोस्टमार्टम हाउस से प्रतीक का शव लेकर परिजन आवास पहुंचे। प्रतीक के घर के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा और सपा के नेता और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर्णा के पहुंचकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को ढ़ांढस बढ़ाया।
