हाथरस के आगरा-अलीगढ़ बाईपास पर नहरोई के लिए जाने वाले रास्ते पर 13 अप्रैल देर रात वेदप्रकाश हत्याकांड में फरार 25-25 हजार रुपये के इनामी दो अभियुक्त मुठभेड़ के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों के पैरों में गोली लगी। इस हत्याकांड में पुलिस अब तक 10 हत्यारोपियों को जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी कमल व गौरव अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि घटना के बाद से पांच टीमें हत्या में शामिल अभियुक्तों की तलाश में जुटी हैं। सोमवार की रात एसओजी टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस को सूचना मिली कि घटना में शामिल दो आरोपी कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने आगरा-अलीगढ़ बाईपास पर नहरोई के लिए जाने वाले रास्ते पर चेकिंग शुरू की।
पुलिस को दो युवक आते दिखाई दिए। घेराबंदी की कोशिश पर आरोपियों पुलिस ने फायर कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां दोनों युवकों को लग गई। पुलिस ने शौर्य भारद्वाज निवासी गणपति नगर, मथुरा रोड व कृष्णा जाटव निवासी उदयभान मुरसान को गिरफ्तार किया। दोनों के पैरों में गोली लगी है। एसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान दोनों के नाम प्रकाश में आए थे। घटना के बाद से ये फरार थे और इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शहर कोतवाल सतेंद्र राघव के साथ एसओजी व सहपऊ पुलिस कार्रवाई में शामिल रही।
अब तक इनकी हो चुकी गिरफ्तारी
इस हत्याकांड में पुलिस अब तक शुभम उर्फ माइटी, रुद्र पाठक, वंश दीक्षित, आकाश, ललित, कार्तिक गुप्ता, छोटू उर्फ निशांत व वंश सोनी को गिरफ्तार कर चुकी है। सोमवार की कार्रवाई को मिलाकर अब तक 10 हत्यारोपी जेल जा चुके हैं। गिरोह में शामिल अभी कई अभियुक्त पुलिस की पकड़ से दूर हैं। कमल व गौरव के साथ इनकी भी तलाश की जा रही है।
