एसएन मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विभाग और एकेडमिक ब्लॉक की मरम्मत की जा रही है। बाल रोग विभाग की रंगाई-पुताई भी की जा रही है। प्लास्टर हादसे में बच्चे की मौत के बाद इसकी हालत सबसे ज्यादा खराब मिली थी।
बीते महीने इमरजेंसी में प्लास्टर हादसे के बाद बच्चे की मौत पर सपा-कांग्रेस ने खूब हंगामा किया। इसके बाद पुराने भवनों की ऑडिट कराई गई। इसमें बाल रोग, मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी, नई आठ मंजिला भवन, ओपीडी नंबर-दो समेत अन्य पुराने भवन जर्जर मिले।
इनमें से बाल रोग और एकेडमिक ब्लॉक की हालत ज्यादा खराब मिली। ऐसे में इसकी प्रारंभिक मरम्मत कार्य किया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कॉलेज के आंतरिक बजट से रंगाई-पुताई और जर्जर हिस्सों को ठीक किया जा रहा है, बाकी का बजट आने के बाद लोक निर्माण विभाग सभी पुराने भवनों की वैज्ञानिक ढंग से मरम्मत करेगा।
