सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर पैदल चलने को मौलिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार बताया और इसके लिए नगर निकाय एवं विकास प्राधिकरणों को जिम्मेदार बताया। आगरा के एमजी रोड के फुटपाथ पर नगर निगम ने ही अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करा दिए हैं। यहां फुटपाथ पर ही टॉयलेट, बस शेल्टर, ट्रांसफार्मर और दो-पहिया, चार पहिया वाहनों की पार्किंग है।


प्रतापपुरा से भगवान टॉकीज के बीच फुटपाथ बचा ही नहीं, ऐसे में यहां लोग सड़क पर ही पैदल चलकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। मेट्रो के निर्माण के कारण सड़क पहले ही संकरी है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा चौराहे के बीच एमजी रोड लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। 100 से 110 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण इमरजेंसी के समय कांग्रेस नेता संजय गांधी के आगरा आगमन के बाद हुआ था।

उससे पहले यह ठंडी सड़क के नाम से एक लेन की थी। चौड़ीकरण के बाद इसे कम से कम 100 फीट चौड़ा बनाया गया। इसमें दोनों ओर फुटपाथ, नालियों के साथ सर्विस लेन भी थी, जो रिक्शों और साइकिल जैसे धीमे चलने वाले वाहनों के लिए आरक्षित थी। बाद में सर्विस लेन को फुटपाथ में बदल दिया गया और यहां बस शेल्टर, टॉयलेट, पार्किंग खोल दी गई। इस हिस्से में 10 टॉयलेट, 20 बस स्टॉपेज शेल्टर और 15 से ज्यादा ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। हाल में ही मेट्रो के कारण बचे हुए फुटपाथ को छोटा कर दिया गया ताकि सड़क चलने लायक बन सके।

 



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