रुपयों के लालच ने कबाड़ी को शातिर केबल चोर बना दिया। उसने झांसी स्टेशन यार्ड से लेकर करारी सेक्शन में सिग्नल केबल चोरी कर इसे धंधा बना लिया। बीते रोज जब वह करारी सेक्शन में केबल चोरी कर रहा था, तभी सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। पकड़े गए रेल संपत्ति चोर ने इससे पूर्व करीब चार से पांच बार केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। उसके विरुद्ध रेलवे एक्ट की थ्री आरपीयूपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
झांसी-करारी सेक्शन में पिछले कुछ दिनों से रेलवे लाइन पर सिग्नल केबल कटने की घटनाएं बढ़ रही थी। आरपीएफ ने उक्त मामले में संदिग्धों की तलाश में फोर्स की तैनाती कर दी। मंगलवार शाम अचानक करारी में सिग्नल फेल होने की सूचना पर आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया तो देखा कि एक युवक पटरी पर बैठकर सिग्नल केबिल काटकर चोरी करता दिखाई दिया। आरपीएफ ने तत्काल करारी में तैनात स्टाफ को मौके पर भेजा। सूचना पाकर आरपीएफ मौके पर पहुंची और रंगे हाथ युवक को पकड़ लिया। पकड़े गया युवक सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के सूती मिल के पास रहने वाला हर्ष कुशवाहा बताया। आरपीएफ ने रेल संपत्ति बरामद कर आरोपी के विरुद्ध थ्री आरपीयूपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।
पांच बार कर चुका है चोरी
कबाड़ी ने बताया कि वह रेलवे लाइन पर कबाड़ बीनता था, जिससे उसे 100 रुपये मिलते थे। लेकिन जब उसने सिग्नल केबल का छोटा तार चोरी किया तो उसके कबाड़ी ने 500 से हजार रुपये तक मिले। आरपीएफ की माने तो पकड़े गए रेल संपत्ति चोर ने इससे पूर्व चार से पांच बार केबिल चोरी की घटना को कबूल किया है। आरोपी ने सभी घटनाएं उससे झांसी यार्ड से लेकर करारी सेक्शन के बीच में की है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि केबल चोरी में कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।
मोबाइल से की थी फोटो, फिर की चोरी
आरपीएफ की माने तो हर्ष कुशवाहा ने पूछताछ में बताया कि उसे नहीं पता था कि केबल का इतना दाम मिलता है। 10 साल पहले मां-बाप की मौत के बाद से वह कबाड़ी का काम कर भरण पोषण कर रहा था। एक दिन उसने पटरी पर केबल देखी तो मोबाइल से फोन खींचकर मोहल्ले में आने वाले कबाड़ी को दिखाई। उसने बताया कि जितनी बड़ी केबल उतना रुपया। इसके बाद से वह केबल चोरी करने लगा।
