संवाद न्यूज एजेंसी, शाही (बरेली)
Published by: Mukesh Kumar

Updated Mon, 24 Aug 2026 12:37 PM IST

बरेली के शाही थाना क्षेत्र के बीथम नौगवां गांव में अराजकतत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। रविवार रात गांव के 57 साल पुराने शिव मंदिर से मूर्तियां हटा दी गईं। सोमवार सुबह पुजारी को मूर्तियां परिसर में पड़ी मिलीं। इसी बीच, कुछ घरों के बाहर तीन दिन पुरानी अंत्येष्टि की अस्थियां भी मिलीं। इन घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। 


Anarchic elements removed idols from Shiva temple and woman ashes dumped outside village homes in Bareilly

शिव मंदिर के बाहर जुटे ग्रामीण
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी



विस्तार

बरेली के शाही थाना क्षेत्र के बीथम नौगवां गांव में 57 साल पुराने शिव मंदिर से मूर्तियां उखाड़कर फेंकने का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह मंदिर की सफाई करने पहुंचे पुजारी ने मूर्तियां परिसर में पड़ी मिलीं। इसी बीच गांव के कुछ घरों के बाहर तीन दिन पहले हुई महिला की अंत्येष्टि की अस्थियां मिलने से मामला और गंभीर हो गया। मंदिर में मूर्तियां हटाए जाने और अस्थियां घरों के बाहर मिलने की घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस बल के साथ थाना अध्यक्ष मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।


मंदिर में पहुंचकर देखा तो उखड़ी मिलीं मूर्तियां

बीथम नौगवां गांव में करीब 57 साल पुराना शिव मंदिर है। मंदिर में शिवलिंग के साथ भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित हैं। पुजारी लालाराम ने बताया कि वह सोमवार सुबह करीब पांच बजे मंदिर की साफ-सफाई करने पहुंचे। उन्होंने देखा कि शिव परिवार की तीनों मूर्तियां अपने स्थान से उखड़ी हुई थीं। आसपास तलाश करने पर तीनों मूर्तियां मंदिर के ही दूसरे हिस्से में पड़ी मिलीं। पुजारी ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। तमाम ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंच गए।

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अंत्येष्टि के तीन दिन बाद गायब मिलीं अस्थियां

इसी दौरान ग्रामीणों ने एक और चौंकाने वाली बात बताई। ग्रामीणों के मुताबिक तीन दिन पहले मोर सिंह की मां शांति देवी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। गांव के श्मशान स्थल पर उनकी अंत्येष्टि की गई थी। सोमवार को मोर सिंह और परिवार के लोग अस्थियां लेने श्मशान पहुंचे तो वहां अस्थियां नहीं मिलीं। ग्रामीणों के अनुसार नत्थू लाल और टेकचंद के घर के सामने अस्थियां पड़ी मिलीं। वहीं डोरीलाल के घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में भी अस्थियां पड़ी थीं, जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया।



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