झांसी। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य पुण्य का फल चाहता है, लेकिन पुण्य नहीं करता। आज का मनुष्य इंद्रिय सुखों के लिए अपना सर्वस्व लुटा रह है।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
झांसी। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य पुण्य का फल चाहता है, लेकिन पुण्य नहीं करता। आज का मनुष्य इंद्रिय सुखों के लिए अपना सर्वस्व लुटा रह है।
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