आगरा में कृष्ण जन्माष्टमी पर चीनी, मेवा समेत अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों में उछाल के बाद भी श्रद्धा कम नहीं दिखी। देर रात तक बाजारों में रौनक रही। जन्माष्टमी पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। इसमें फल-फूल, पोशाक से लेकर मेवा विक्रेताओं की अच्छी कमाई हुई।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी पर हर घर में प्रसाद, पोशाक, फल-फूल, सजावटी सामान की खरीदारी होती है। ऐसे में लोगों ने सजावट, खिलौने, मेवा, चांदी के हिंडोले-लड्डू गोपाल की खूब खरीदारी हुई। मिठाई की भी बिक्री हुई। जन्माष्टमी के दिन आकलन है कि 50-60 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। लुहार गली व्यापार समिति के अध्यक्ष संदीप गुप्ता ने बताया कि कान्हा-राधा जी की पोशाकें, सजावटी सामान की सबसे ज्यादा मांग रही। कई लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा दी थी।
दुकानों पर यह भी खूब बिके
जन्माष्टमी पर बनने वाले प्रसाद (पाग) की सामग्री की सबसे ज्यादा खरीद हुई। इसमें लोगों ने चिरौंजी, मखाने, किशमिश, बादाम, काजू, खरबूज के मगज, गिरी का बुरादा, गोंद, चीनी-बूरा समेत अन्य शामिल रहे। फल-फूल, दूध-दही, शहद, पोशाक, हिंडोला, खिलौने, सजावटी सामान की जमकर बिक्री हुई। कइयों ने चांदी के हिंडोले और लड्डू गोपाल भी खरीदे।
मंत्री चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अशोक लालवानी ने कहा कि जन्माष्टमी पर कान्हा के प्रसाद के तौर पर पाग हर घर में बनता है। इसके लिए सामान की बिक्री खूब हुई। इसके लिए एक हजार से 1500 रुपये का पैक बनाया, जिसमें आठ तरह के आइटम रहे।
