कानपुर कमिश्नरी पुलिस करीब 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में बैंक अफसर खामोश रहे। ऐसे में अब पुलिस तीन बैंकों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उनके अधिकारियों व स्टाफ से सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (एसटीआर) जारी न करने का कारण पूछा जा सकता है। पुलिस को जांच में महफूज अली व उसके साथियों से जुड़े 100 से अधिक म्यूल खातों का पता चला है। यह विभिन्न फर्मों और लोगों के नाम पर खोले गए थे। इनमें 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ है।
कुछ खातों में चार से पांच कराेड़ रुपये प्रतिदिन का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महफूज और फरार चल रहे फिरोज खान, नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू, रिजवान के कई बैंकों में अच्छा खासा संपर्क होने की जानकारी मिली है। उनका बैंक अधिकारियों व स्टाफ के साथ अक्सर उठना बैठना रहता था। इतनी अधिक संख्या में रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, ठेला लगाने वाले, साफ-सफाई करने वालों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर खाते खोले गए।
