पीलीभीत के पूरनपुर में जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने पारस मोबाइल शोरूम पर पुलिस के साथ शनिवार की शाम छापा मारा। इस दौरान कुछ कच्चे बिल मिलने पर उन्हें सील कर दिया गया। टीम ने स्टॉक मिलान शुरू किया। एसआईबी ने लखनऊ से सर्च वारंट लेकर व्यापारी के यहां पहुंचकर जांच की। अफसरों को शक है कि 80 करोड़ के मोबाइल फोन खरीद-फरोख्त पर 13.5 करोड़ रुपये का टैक्स बना है, लेकिन व्यापारी ने महज 24 लाख रुपये ही जमा किए। इस मामले में एसआईबी की टीम जांच में जुटी रही। इस कार्रवाई से आसपास व्यापारियों में खलबली रही। इस दौरान अधिकांश दुकानें बंद रहीं। छापे की कार्रवाई देर रात तक चलने की उम्मीद विभागीय अफसर जता रहे थे। मदद के लिए विभाग की अन्य टीमें भी बुलाई गई हैं।


शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बरेली से आई एसआईबी टीम ने डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में छापा मारा। टीम में असिस्टेंट कमिश्नर वेद प्रकाश शुक्ला आदि शामिल थे। डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शिकायत और सूचनाओं के आधार पर लखनऊ से सर्च वारंट जारी कराकर शनिवार को नगर के जूनियर हाईस्कूल वाली गली में पारस मोबाइल शोरूम पर छापा मारा गया।

उन्होंने बताया कि जब से मोबाइल फोन व्यापारी ने जीएसटी में पंजीकरण कराया। तब से अब तक 80 करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त की गई। इसके लिए 13.5 करोड़ का टैक्स बनता है, मगर व्यापारी ने 24 लाख ही टैक्स जमा किया। बाकी टैक्स को समायोजित कर लिया। खरीद के अनुपात में बिक्री नहीं दिखाई। स्कूटनी में पाया गया कि व्यापारी ने टैक्स चोरी की है।



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