वाराणसी कमिश्नरेट के लंका थाना क्षेत्र स्थित शिवम कॉम्प्लेक्स में डॉ. रुचिका मौर्य (30) ने सोमवार दोपहर दुपट्टे के सहारे फंदे से लटककर जान दे दी। शाम को लंका पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। जुलाई में उनकी इंगेजमेंट और नवंबर में शादी तय थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से सुसाइड नहीं मिला है। कारणों का पता लगाने की कोशिश की रही है।

एमडी की तैयारी कर रही थीं डॉ. रुचिका मौर्य

लंका थाने के सामने स्थित शिवम कॉम्प्लेक्स में रहने वाले अधिवक्ता अविंद्रनाथ मौर्य की बेटी डॉ. रुचिका मौर्य मुंबई के एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रही थीं। कुछ दिन पहले ही वह मुंबई से घर लौटी थीं और एमडी की तैयारी कर रही थीं। रोजाना की तरह सोमवार सुबह उन्होंने पिता अविंद्रनाथ के लिए भोजन बनाया और पिता कचहरी चले गए। जब अविंद्रनाथ मौर्य कचहरी से घर लौटे तो आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने लंका पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर डॉ. रुचिका पंखे की कुंडी से दुपट्टे के सहारे लटकी मिलीं। बेटी का शव देखकर पिता बेसुध हो गए। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। 

नवंबर में होनी थी शादी

पिता अविंद्रनाथ मौर्य ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी नवंबर में तय थी और जुलाई में इंगेजमेंट होनी थी। डॉ. रुचिका ने उत्तराखंड के देहरादून स्थित जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज से वर्ष 2020 में एमबीबीएस किया था। इसके बाद वह मुंबई के एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रही थीं। कुछ दिन पहले ही वह एमडी की तैयारी के लिए घर आई थीं। दो भाई-बहनों में रुचिका सबसे बड़ी थीं। छोटा भाई मुंबई में नौकरी करता है। उनकी मां की आठ वर्ष पहले मौत हो चुकी है।



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