लखनऊ। पुलिस लाइन के गणना कार्यालय में तैनात 12 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ल की ओर से लगाए वसूली के आरोपों के बाद की गई है। लखनऊ पुलिस ने सोमवार को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। एक्स पर पोस्ट कर प्रकरण में सफाई दी है।
पुलिस की ओर कहा गया कि उच्च स्तरीय समिति आरोपों की जांच कर रही है। कमेटी में पुलिस लाइन का पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारी नहीं हैं। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही होगी। जारी बयान में कहा गया कि जांच की निष्पक्षता, पारदर्शिता के लिए गणना कार्यालय में नियुक्त दरोगा, हेड कांस्टेबल और नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इनकी जगह दूसरे पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
इसके साथ ही गणना कार्यालय में ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता तय करने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली इस्तेमाल की जा रही है। इसकी मदद से बिना भेदभाव के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा सकेगी। सुनील कुमार ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। रविवार को भी 2.36 मिनट का वीडियो पोस्ट कर पुलिस अधिकारियों पर उनके घर दबिश देने का आरोप लगाया। सुनील का कहना है कि ऐसा करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह टूटने वाले नहीं हैं।
यह है पूरा मामला
अमेठी के गौरीगंज में पूरे राम सेवक मिश्र गांव निवासी 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार ने चार वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं। पहले वीडियो में उन्होंने लखनऊ व अन्य जनपदों की पुलिस लाइन में वसूली का आरोप लगाया था। सुनील छह मई से 20 दिन के अवकाश पर हैं। उनकी पत्नी रायबरेली में सिपाही के पद पर हैं। वीडियो जारी होने के बाद छानबीन के निर्देश दिए गए हैं। वीडियो में सुनील ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
