सरकार ने 22 सितंबर, 2025 को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की, लोगों को लगा कि अब दाम कम हो जाएंगे। मगर सामान पहले के दामों से भी ज्यादा महंगे हो चुके हैं। रोजमर्रा के उपयोग की कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि इसका असर अमेरिका-ईरान विवाद को भी माना जा रहा है।
संजय प्लेस वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विनय मित्तल ने बताया कि टीवी, फ्रिज, मॉनिटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दामों में कंपनी ने सभी उपकरणों पर 4000 से 5000 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत जीएसटी होने के बावजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दामों में कोई कटौती नहीं हुई। पैकेजिंग सामग्री, प्लास्टिक, एल्यूमीनियम और अन्य कच्चे माल की लागत में वृद्धि का सीधा असर उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है। रुपया कमजोर होने से आयातित पुर्जों और कच्चे माल की लागत भी बढ़ी है। बाजार में दूध, मक्खन, चाय, ब्रेड, जूस, डिटर्जेंट, साबुन, मसाले, चॉकलेट, फेस पाउडर और अन्य उपभोक्ता उत्पादों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।
