फिरोजाबाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग (आर्थो) विभाग में शुक्रवार रात और फिर शनिवार सुबह मरीज के तीमारदारों और डॉक्टरों-मेडिकल स्टाफ के बीच जमकर मारपीट हुई। वार्ड में काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल रहा। घटना में मरीज की बेटियां, रिश्तेदार महिला और मेडिकल स्टाफ के लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट, गहने और नकदी गायब करने का आरोप लगाते हुए थाना उत्तर में तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार, रहना निवासी रविकांत मिश्रा (60) सुहागनगर से बाइक पर लौटते समय हिमायूंपुर चौराहे के पास सड़क हादसे में घायल हो गए थे। राहगीरों ने उन्हें सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आर्थो वार्ड में रेफर कर दिया गया। मरीज के बेटे अश्वनी मिश्रा का आरोप है कि शुक्रवार रात पिता को असहनीय दर्द होने पर जब स्टाफ नर्स नीतू से इंजेक्शन लगाने को कहा गया तो उन्होंने अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर सुरक्षा गार्डों को बुलाकर परिजन को जबरन वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान धक्का-मुक्की तक की गई।
सुबह फिर हुआ विवाद, महिला को बाल पकड़कर घसीटने का आरोप
परिजन का आरोप है कि शनिवार सुबह ड्यूटी बदलने पर सह आचार्य डॉ. चंद्रकांत और अन्य स्टाफ ने रात की खुन्नस निकालते हुए मरीज के तीमारदारों से दोबारा बदसलूकी की। परिजन के विरोध करने पर पूरा स्टाफ एकत्र हो गया और मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में मरीज की बेटी स्वर्णिमा और रिश्तेदार गुंजन शर्मा को बाल पकड़कर घसीटा और पीटा। वहीं, डॉ. चंद्रकांत का कहना है कि सुबह राउंड के दौरान वार्ड में अत्यधिक भीड़ होने पर तीमारदारों को बाहर जाने के लिए कहा गया था, जिस पर परिजन ने अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की की और मामला मारपीट तक पहुंच गया।