झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे के सिक्स लेन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। यह परियोजना झांसी-कानपुर मार्ग को चार लेन से छह लेन में बदलेगी, जिससे यात्रा सुगम और तेज होगी। इनमें उरई-बारा खंड का निर्माण 2,440.55 करोड़ रुपये में होगा।
एनएचएआई ने हाईवे को चार लेन से छह लेन करने के लिए दो भागों में सर्वेक्षण कराया था। ये भाग झांसी-उरई और उरई-बारा खंड हैं। दोनों खंडों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। पहले चरण में झांसी-उरई हाईवे की डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई।
करीब 135 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को तीन खंडों में बांटकर 1 सितंबर को टेंडर जारी किए गए थे। दूसरे चरण में 62.67 किलोमीटर लंबे उरई-बारा हाईवे को छह लेन में परिवर्तित करने के लिए 14 सितंबर को टेंडर जारी हुए। एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि उरई-बारा छह लेन निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया जारी है। उरई-बारा खंड के लिए आगामी 3 नवंबर तक टेंडर मांगे गए हैं और 4 नवंबर को खोले जाएंगे।
परियोजना की लागत और समय
एनएचएआई के परियोजना निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि झांसी-उरई छह लेन हाईवे का निर्माण 4,395 करोड़ रुपये की लागत से होगा। दूसरे चरण में उरई-बारा छह लेन हाईवे के लिए 2,440.55 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किया गया है। इस प्रकार झांसी-कानपुर छह लेन का कुल निर्माण 6,835 करोड़ रुपये की लागत से पूरा कराया जाएगा। दोनों चरणों के लिए निर्माण कार्य का समय 730 दिन निश्चित किया गया है।
खंडों में विभाजित कार्य
परियोजना निदेशक ने बताया कि झांसी-उरई करीब 135 किलोमीटर लंबे हाईवे को तीन खंडों में बांटा जाएगा। इनमें सिजवाहा-सुल्तानपुरा, सुल्तानपुरा-रंगुड खुर्द और इंगुईखुर्द-उरई तक के हिस्से शामिल हैं। वहीं, 62.67 किलोमीटर लंबे उरई-बारा हाईवे का काम एक ही खंड में कराया जाएगा। यह विभाजन कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने और समय पर परियोजना को पूरा करने में मदद करेगा।
खंड और क्षेत्र का नाम लागत
सिजवाहा(झांसी) से सुल्तानपुरा(चिरगांव) 14,53,66,00,000
सुल्तानपुरा(चिरगांव) से इंगुई खुर्द(काेंच) 17,11,70,00,000
इंगुई(कोंच) से बंधागांव(उरई) 12,30,35,00,000
बंधागांव(उरई) से बारा 24,40,55,00,000
