उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आलमबदी आजमी ने 92 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। विधायक आलमबदी की गिनती ईमानदार नेताओं में होती थी। किसी भी राजनीतिक दल का नेता हो वह आलमबदी का सम्मान करता था। हर कोई उनकी सादगी की तारीफ करता था। इसकी सादगी का परिणाम था निजामाबाद की जनता उनके ऊपर विश्वास करती थी और उन्हें पांच बार अपना प्रतिनिधि चुना। 





story of SP leader Alam Badi Azmi five-time MLA from Nizamabad seat in azamgarh

आलमबदी आजमी की फाइल फोटो
– फोटो : एक्स


आलमबदी आजमी ने न विधायक बनने का गुरुर और ना ही कोई दिखावा किया। नील और टीनोपाल से लकलक कुर्ता पायजामा पहने और सिर पर टोपी लगाए आलमबदी को शायद ही जिले का कोई व्यक्ति हो जो जानता और पहचानता न हो। 

इसे भी पढ़ें; UP: सबसे उम्रदराज सपा विधायक आलमबदी का निधन, 92 साल की उम्र में कहा अलविदा; आजमगढ़ की इस सीट से पांच बार जीते


story of SP leader Alam Badi Azmi five-time MLA from Nizamabad seat in azamgarh

आलमबदी आजमी की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला


जहां आज लोग विधायक बनने के बाद गाड़ी, बंगला और अपने समर्थकों के साथ चलना शुरू कर देते हैं। वहीं सपा विधायक आलमबदी न किसी समर्थन और ना ही किसी दिखावे पर भरोसा करते थे। गाड़ी नहीं है तो वह रिक्शे पर बैठकर ही शहर में घूम लेते थे। वह एक छोटी सी दुकान पर बैठकर चाय पीने से भी गुरेज नहीं करते थे। 


story of SP leader Alam Badi Azmi five-time MLA from Nizamabad seat in azamgarh

आलमबदी आजमी की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला


आलमबदी आजमी के क्षेत्र में यदि किसी सड़क का निर्माण हो रहा है तो वह सड़क पर बैठकर उसको खोदकर उसकी गुणवत्ता की स्वयं जांच करने लगते थे। अगर कमी मिली तो ठेकेदार को फटकार भी लगाते थे। इसका परिणाम था कि जिले में जहां अन्य विधायकों के यहां काम करने के लिए ठेकेदारों की लाइन लगी रहती थी। वहीं आलमबदी आजमी के अंडर में बहुत कम ठेकेदार ही काम कराना चाहते थे। 


story of SP leader Alam Badi Azmi five-time MLA from Nizamabad seat in azamgarh

आलमबदी आजमी की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला


सपा के दिग्गज नेताओं में आलमबदी आजमी की गिनती थी। सपा के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव और वर्तमान मुखिया अखिलेश यादव भी उनकी बातों को सुनते और उस पर अमल करते थे। उनके निधन से जिले की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके जाने से जिले की राजनीति के एक युग का अंत हो गया।




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *