सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन से भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा इतना डर गई है कि नकली पोस्टर लगा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के म्युनिसिपल उच्चाधिकारियों को निलंबित कर देना चाहिए, क्योंकि कुछ लोग बिना पैसा जमा किए सरेआम पोस्टर लगवा रहे हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि या तो इसका आधार भ्रष्टाचार है या शासन का दबाव।
अखिलेश ने कहा कि इन अज्ञात पोस्टरों को जब चोरी-छिपे लगाया जाता है तो स्थानीय राजस्व की हानि भी होती है। अगर शुल्क का आधिकारिक रूप से भुगतान किया गया तो भुगतान की रसीद भी काटनी पडेगी। ऐसे में साजिशकर्ता का नाम बाहर आ जाएगा और वो पकड़ा जाएगा। राजस्व की इस हानि का खामियाजा संबंधित अधिकारियों से भरवाना चाहिए और उनके खिलाफ जांच बैठाकर निलंबित भी कर देना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी जितनी भी घटनाएं हो रहीं हैं, हम उनका तारीखवार रिकार्ड रख रहे हैं। ये रिकॉर्ड भी रख रहे हैं कि इस समय कौन सा अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार था। पीडीए सरकार आने पर इन सब भ्रष्ट अधिकारियों का पक्का हिसाब-किताब किया जाएगा।
किसानों को नहीं मिल रहा धान का मूल्य : अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है। इस सरकार ने किसानों से झूठे वादे किए। आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन बढ़ती महंगाई में आय आधी भी नहीं रह गई। खेती-किसानी घाटे का सौदा साबित हो रही है।
अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि किसानों को पहले समय पर खाद, बीज और पानी नहीं मिल पाता है और फिर उपज की कीमत नहीं मिलती। धान के किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रुपये तक नुकसान हो रहा है। बिचौलिए किसानों से औने-पौने दाम पर धान खरीद कर मुनाफा कमा रहे हैं। आलू किसानों को कीमत गिरने से भारी नुकसान हो रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट करा रही है, लेकिन उसका मुनाफा गन्ना किसानों को नहीं मिल रहा है। नया पेराई सत्र आ गया है, पर कई चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का सैकड़ों करोड़ रुपये बकाया है। सपा सरकार में गन्ना किसानों का 24 घंटे में भुगतान होगा।
