उन भवनस्वामियों के लिए राहत की खबर है जो मकान बनाकर कई साल से रह तो रहे हैं लेकिन अभी तक नगर निगम में गृहकर निर्धारण नहीं कराया है। ऐसे लोग यदि अभी गृहकर निर्धारण करा लेंगे तो उन्हें ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) का पूरा फायदा मिलेगा और अन्य बकायेदारों की तरह ब्याज नहीं देना पड़ेगा। शहर में ऐसे मकानों की तादाद करीब दो लाख है।
गृहकर बकायेदारों के लिए नगर निगम में 15 अगस्त से शुरू हुई ओटीएस योजना 15 दिसंबर तक चलेगी लेकिन आवेदन 15 नवंबर तक ही लिए जाएंगे। इसका लाभ आवासीय, व्यावसायिक, सरकारी सहित सभी तरह की संपत्तियों के बकाया गृहकर व जलकर पर दिया जा रहा है। इसमें पूरा व्याज माफ किया जा रहा है। योजना में करीब ढाई लाख भवनस्वामी आ रहे हैं।
अभी नगर निगम बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत की दर से व्याज लेता है। यदि फिर भी टैक्स नहीं जमा करते हैं तो जो ब्याज लगता है वह मूल टैक्स में जोड़कर बकाया बना दिया जाता है और नए साल में उस पर ब्याज लगता है। यह चक्रवृद्धि व्याज की तरह चलता है।
वहीं, कई बार निगम कर्मचारी भी पीछे के वर्षों से गृहकर रिवाइज कर देते हैं। फिर इस पर भी उसी तरह व्याज भी लगा देते हैं। इसी तरह जो भवनस्वामी मकान बनाने के कई साल बाद गृहकर निर्धारण कराते हैं उनसे नगर निगम बकाया गृहकर पर व्याज लेता है। ऐसे में इनके लिए ओटीएस एक ने अच्छा मौका है।
