ताजमहल के शहर को देश की वेडिंग कैपिटल बनाने की कवायद तेज हो गई है। देश में 7 से 8 लाख करोड़ रुपये के वेडिंग उद्योग में पर्यटन नगरी की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने समिट आयोजित की। सरकार से वैवाहिक पर्यटन को पर्यटन नीति में अलग दर्जा देने और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग उठी।
फतेहाबाद रोड स्थित होटल में बृहस्पतिवार को वैवाहिक पर्यटन-भारतीय पर्यटन की नई शक्ति विषय पर आयोजित समिट में विशेषज्ञों ने वैवाहिक पर्यटन के आर्थिक पहलुओं पर मंथन किया। मुख्य अतिथि केंद्रीय बोर्ड ऑफ ट्रेड के सदस्य पूरन डावर ने कहा कि वेडिंग सेक्टर अब सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था का बड़ा इंजन है। आगरा के साथ मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और काशी को जोड़कर डेस्टिनेशन वेडिंग का यूपी नया हब बन सकता है।
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने समिट में कारोबारी आंकड़े रखते हुए बताया गया कि आगरा में एक डेस्टिनेशन वेडिंग होने से 300-500 मेहमान तीन दिन तक शहर में रुकते हैं। इससे 25 से अधिक स्थानीय व्यवसायों (टेंट, कैटरिंग, ट्रैवल आदि) को सीधा लाभ होता। 300 से ज्यादा परिवारों को रोजगार मिलता है। साथ ही पेठा, मार्बल हैंडीक्राफ्ट और जरी वर्क को वेडिंग गिफ्ट के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा सकता है।
21-22 सितंबर को होगा वेडिंग एक्सपो
होटल ट्राइडेंट के महाप्रबंधक युवराज सिंह नेगी ने कहा कि वेडिंग सेक्टर होटल उद्योग के लिए आर्थिक बूस्टर है, इसे और सुगम बनाने के लिए सरकारी सहयोग जरूरी है। डबल्यूएआई के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि आगरा को ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में 21-22 सितंबर को वेडिंग एक्सपो का आयोजन होगा। समिट का संचालन एसोसिएशन के महासचिव संदीप उपाध्याय ने किया।
