Agra Court Freezes Three ADA Bank Accounts, Orders Release of Rs 50 Lakh

आगरा विकास प्राधिकरण
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मेसर्स शेखिन इंटरनेशनल के आर्बिट्रेशन से जुड़े मामले में अदालत के आदेश के बावजूद बकाया राशि का भुगतान न करने पर वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-1 ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के बैंक खाते सीज (कुर्क) कर दिए हैं। अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एमजी रोड शाखा में स्थित एडीए के तीन खातों से लेनदेन पर तुरंत रोक लगाते हुए पूर्व में जमा 50 लाख रुपये की राशि भी डिक्रीदार के पक्ष में जारी करने का आदेश दिया है।


वाणिज्यिक न्यायालय संख्या-1 आगरा में चल रहे आर्बिट्रेशन के एक वाद की सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने यह सख्त आदेश जारी किया। न्यायालय की ओर से एडीए को समस्त देय धनराशि जमा करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जा चुके थे। पूर्व में अदालत ने आदेश दिया था कि पूरी बकाया राशि न चुकाने पर एडीए के तीन बैंक खातों को स्वतः कुर्क समझा जाएगा।

इसके बावजूद निर्देशों का पालन न होने पर कोर्ट ने पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा एमजी रोड आगरा स्थित एडीए के खातों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया। बैंक को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना इन खातों से किसी भी प्रकार का आहरण न होने दिया जाए।

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी दर्ज किया गया कि एडीए ने पूर्व में एचडीएफसी बैंक का 50 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट न्यायालय के भारतीय स्टेट बैंक छीपीटोला शाखा स्थित खाते में जमा कराया था। डिक्रीदार फर्म द्वारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर इस राशि को अवमुक्त करने की मांग की गई थी, जिस पर एडीए की ओर से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने डिक्रीदार की अर्जी स्वीकार करते हुए एसबीआई खाते में जमा 50 लाख रुपये मेसर्स शेखिन इंटरनेशनल के खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है।

हालांकि, यह धनराशि इस शर्त के अधीन जारी की जाएगी कि डिक्रीदार को एक अंडरटेकिंग शपथ पत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रहेगा कि भविष्य में उच्च न्यायालय या किसी अन्य सक्षम न्यायालय द्वारा विपरीत आदेश दिए जाने पर फर्म को यह पूरी राशि कोर्ट में लौटानी होगी। प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 23 अक्टूबर 2026 की तिथि नियत की है।

 



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