विधानसभा चुनाव 2027 का मैदान सजने से पहले ही भाजपा ने चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी ने महिला, युवा और गरीब को चुनावी रणनीति के केंद्र में रखा है। तीनों वर्गों के मुद्दों के जरिये विपक्ष पर सियासी हमला करने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर तैयार एजेंडे को बूथ स्तर तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने की रणनीति बनाई जा रही है।
भाजपा का मानना है कि पिछले नौ वर्षों में महिला, युवा और गरीबों के लिए लागू की गई योजनाओं को चुनावी अभियान का आधार बनाया जा सकता है। पार्टी महिला सुरक्षा और सम्मान के साथ आवास, राशन, उज्ज्वला और स्वरोजगार जैसी योजनाओं को प्रमुखता से उठाएगी। इन योजनाओं का लाभ पाने वाली महिलाओं और परिवारों से सीधा संवाद कर सरकार के पक्ष में माहौल तैयार किया जाएगा।
प्रदेश स्तर पर तैयार मुद्दों और अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। लाभार्थी संपर्क अभियान के जरिये केंद्र या प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पाने वाले परिवारों तक पहुंचने पर जोर रहेगा।
